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अध्याय 1: एआई क्या है? (भाग 1)
असली दुनिया में कंप्यूटर को समझना · कंप्यूटिंग की दुनिया का नक्शा।
असली दुनिया में कंप्यूटर को समझना
फिल्मों में दिखाए जाने वाले रोबोट्स के कब्जे जैसी सनसनीखेज बातों से अलग हटकर, हम सबसे पहले यह समझेंगे कि असली दुनिया में एआई असल में क्या करता है और कैसे करता है। और इसके लिए हमें सबसे पहले यह समझना होगा कि कंप्यूटर क्या होता है और वह कैसे काम करता है। कंप्यूटर असल में बिजली के बहाव को नियंत्रित करने वाले छोटे-छोटे स्विचों का एक बहुत बड़ा संग्रह (Collection) है। जैसे हम अपने खेतों या सिंचाई की क्यारियों (क्यारी) में पानी को रोकने या बहाने के लिए पानी का नाका (नाका) लगाते हैं, वैसे ही कंप्यूटर में मौजूद ट्रांजिस्टर्स (या स्विच) बिजली के बहाव को रोकने या जाने देने का काम करते हैं। और इन्हीं ट्रांजिस्टर्स के अलग-अलग क्रमों (Logical Gates) के रूप में इंसानी भाषा और तार्किक नियमों (Logic Rules) को कंप्यूटर में डाला जाता है। उदाहरण के लिए, अगर सबसे पहले ट्रांजिस्टर से बिजली गुजर रही है और बाकी बंद हैं, तो हम इस क्रम को 'हाँ' या 'ना' (1 और 0) के रूप में फीड (या कोड) कर सकते हैं। और ऐसे ही अरबों ट्रांजिस्टर्स और नियमों को जोड़कर हम 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) बनाते हैं जो इंसानी दिमाग की तरह काम करता है। इस पुस्तिका में हम देखेंगे कि कैसे आज एआई कई रोजमर्रा की तकनीकों को चला रहा है, जैसे अपने आप रास्ता खोजने वाली गाड़ियाँ (Autonomous Navigation), ऑनलाइन वेबसाइटों पर हमारी पसंद के अनुसार हर चीज ढूंढना (Recommendation Engines), और फोटो व चेहरा पहचानने वाले सिस्टम (Visual Recognition Systems)। इन सभी को अच्छे से समझने के लिए हमें दो बुनियादी बातों को समझना होगा:
- ऑटोनॉमी (Autonomy - बिना किसी लगातार इंसानी निर्देश के अपने फैसले खुद लेने की क्षमता): इसका मतलब है किसी भी AI सिस्टम का बदलते और जटिल माहौल में हर कदम पर इंसान के बिना खुद से काम कर पाना। इसे मारवाड़ के किसी पारंपरिक गुवाल (पशु-पालक) की भूमिका से समझिए, जो अपने पशुओं के झुंड को चराने के लिए किसी अराव या ओरण में ले जाता है। रास्ते में उसे अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ता है जैसे रास्ते का बदल जाना, कोई छोटा नाला पार करना, या,किसी भेड़ का पीछे छूट जाना या उन सभी भेड़ों को सड़क पार करवाना इत्यादि। गुवाल हर भेड़ या ऊँट को एक-एक कदम चलने का निर्देश नहीं देता; इसके बजाय, पूरा झुंड अपनी तय सीमाओं के भीतर खुद-ब-खुद (Autonomous) रास्ता खोजता है और चलता रहता है। ठीक इसी तरह, एक ऑटोनॉमस सॉफ्टवेयर एजेंट भी अपने माहौल को समझकर अपने फैसले खुद लेता है। हालांकि सॉफ्टवेर एजेंट और किसी भी जीवंत चीज़ की आपस में तुलना करना ठीक नहीं होगा लेकिन कुछ चीज़ों को समझने के लिए ऐसे बेबुनियादी उदाहरण इस्तेमाल करने पड़ते हैं। यदि आप के पास कोई बेहतर उदाहरण है तो प्लीज़ हमसे सांझा करें।
- एडेप्टिविटी (Adaptivity - नए अनुभवों और डेटा से सीखकर अपने काम में लगातार सुधार करने की क्षमता): हमारी पारंपरिक संस्कृति में, पुरखों से मिली सीख और अनुभवों से पाया हुआ ज्ञान पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ते रहते हैं। एक युवा किसान कई मौसमों के अनुभव से यह सीखता है कि फली (खेजड़ी की फली) को कब तोड़ना चाहिए या आसमान देखकर सुंतो (बरसाती तूफानी हवा) के आने का अंदाजा कैसे लगाना है। एक जैसे ही माहौल (अर्थात् मौसम) में अनेकों प्रकार का अनुभव कंप्यूटर की दुनिया में एडेप्टिविटी (Adaptivity) कहलाता है। एक बंधे-बंधाए नियमों वाले सॉफ्टवेयर और मशीन लर्निंग (Machine Learning यानी डेटा के जरिए मशीनों का खुद से सीखना) के मॉडलों से चलने वाले अत्याधुनिक AI सिस्टम में यही अंतर है। क्युकी AI सिस्टम नया डेटा मिलने पर अपने आप बेहतर होते जाते हैं।
कंप्यूटिंग की दुनिया का नक्शा
इस विषय को अच्छे से समझने के लिए, विद्यार्थियों के पास एक साफ नक्शा होना चाहिए कि एआई (AI) विज्ञान की अन्य शाखाओं से कैसे जुड़ा है। अगर इन शाखाओं को एक दूसरे से जोड़ने का प्रयास करें तो या एक दूसरे में रखने का प्रयास करें तो हम कह सकते हैं के कंप्यूटर साइंस (Computer Science) सबसे बाहरी बड़ा घेरा है, जिसके अंदर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) आता है। उसके अंदर मशीन लर्निंग (Machine Learning) का दायरा आता है, और इसके भी भीतर डीप लर्निंग (Deep Learning - इंसानी दिमाग के न्यूरल नेटवर्क पर आधारित सीखने की गहरी तकनीक) को रखा जा सकता है।
डेटा साइंस एक ऐसा मिला-जुला क्षेत्र है जो मशीन लर्निंग, सांख्यिकी (Statistics) और किसी खास विषय के ज्ञान (Domain Expertise) को मिलाकर डेटा का विश्लेषण करता है और भूत, वर्तमान व भविष्य से जुड़े पैटर्न्स की खोज करता है। वहीं दूसरी ओर, रोबोटिक्स (Robotics) ऐसी भौतिक (Physical) मशीनें बनाने पर ध्यान केंद्रित करता है जिनमें सेंसर और मोटर लगे होते हैं, जो हमारी असली दुनिया के साथ सीधे बातचीत करती हैं और काम करती हैं।